{"product_id":"भगत-सिंह-की-जेल-डायरी","title":"भगत सिंह की जेल डायरी","description":"\u003cp data-start=\"75\" data-end=\"343\"\u003e\u003cstrong data-start=\"75\" data-end=\"100\"\u003eभगत सिंह की जेल डायरी\u003c\/strong\u003e लाहौर सेंट्रल जेल में 1929 से 1931 के बीच लिखी गई थी, जब वह जेल में थे। यह कोई आम डायरी नहीं है, बल्कि इसमें भगत सिंह के अलग-अलग विषयों पर लिखे गए विचार हैं। इसमें उन्होंने आज़ादी, क्रांति, समाजवाद और धर्म जैसे मुद्दों पर अपने विचार लिखे हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"345\" data-end=\"485\"\u003eइस डायरी में उन्होंने जेल में पढ़ी गई किताबों के बारे में भी लिखा है – क्या पढ़ा, क्या सीखा, और इनसे उनके सोचने के तरीके में क्या बदलाव आया।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"487\" data-end=\"662\"\u003eयह डायरी दिखाती है कि भगत सिंह अपने राजनीतिक विचारों को लेकर कितने गंभीर थे और भारत की आज़ादी के लिए कितने समर्पित थे। इसमें उनके साहस, देशभक्ति और बहादुरी की भी झलक मिलती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"664\" data-end=\"872\"\u003eयह डायरी पहले भगत सिंह के पिता, सरदार किशन सिंह को दी गई थी, फिर उनके परिवार के पास रही। आज यह डायरी भारत के लोगों के लिए एक बेहद अहम दस्तावेज बन गई है, जिससे हम भगत सिंह के असली विचार और सोच को समझ सकते हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Shabd Nirantar","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":41638950830155,"sku":"BG-JD-NF-001","price":300.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0625\/2996\/2059\/files\/Bhagatsinghkijaildiary.jpg?v=1762226204","url":"https:\/\/shabdnirantar.myshopify.com\/products\/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%80","provider":"Shabd Nirantar : A World of Books","version":"1.0","type":"link"}